विश्व में प्रत्येक देश अपनी संस्कृति, परम्पराओं, जीवन मूल्यों, ज्ञान-विज्ञान एवं महापुरुषों के अनुभवों को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में भावी पीढ़ी को शिक्षा के माध्यम से सौंपने का प्रयास करता है। भारत की महान् आध्यात्मिक संस्कृति, श्रेष्ठ परम्पराएं, जीवन-मूल्य, महापुरुषों के आदर्श जीवन-चरित्र तथा यहां का ज्ञान-विज्ञान इस देश की ही नहीं, विश्व की अमूल्य-निधि माने जाते हैं। परन्तु वर्तमान भारतीय शिक्षा पद्धति द्वारा अपनी इस अप्रतिम राष्ट्रीय निधि को भावी पीढ़ी को सौंपना तो दूर रहा, उससे परिचित कराने का कार्य भी नहीं हो पा रहा है। परिणामतः राष्ट्रीय स्वाभिमान-शून्यता एवं विदेशी संस्कृति के अन्धानुकरण की प्रवृत्ति छात्रें में बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।

हमारी यह दृढ़ मान्यता है कि यदि हमारे छात्रें को आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के साथ अपनी महान संस्कृति, गौरवपूर्ण इतिहास, महापुरुषों के जीवन-चरित्र, श्रेष्ठ राष्ट्रीय परम्पराओं का परिचय कराया जाए तो आज के निराशापूर्ण वातावरण में भी आशा की किरण उत्पन्न होकर विद्यार्थी जगत में अपेक्षित परिवर्तन दिखाई देगा। इस निमित्त विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के द्वारा संचालित "अखिल भारतीय संस्कृति ज्ञान प्रश्न-मंच समारोह " की गतिविधियाँ अग्रलिखित हैं -

अखिल भारतीय संस्कृति ज्ञान प्रश्न-मंच समारोह

  1. छात्र भैया/बहिन प्रश्न मंच प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करें इसके लिए उचित होगा कि वे सत्र के प्रारम्भ से सभी निर्धारित पुस्तकों का स्वाध्याय करें ताकि प्रश्नमंच की तिथियों के निकट वे अधिक दबाव न अनुभव करें।
  2. विद्यालय में अधिकाधिक भैया/बहिनों को प्रश्नमंच की तैयारी के लिए प्रोत्साहित किया जाए। कक्षाशः एवं अन्तः-सदन (Inter-house) प्रश्नमंच आयोजित किए जायें तथा उतरोत्तर श्रेष्ठता दिखाने वाले भैया-बहिनों को प्रान्तीय प्रतियोगिता में सम्मिलित कराया जाए।
  3. सभी भैया-बहिनों को प्रश्नमंच की पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं ताकि उनमें स्वाध्याय की प्रवृत्ति बढ़े।

1. आयोजन- प्रश्न मंच का आयोजन क्षेत्रीय स्तर तक क्षेत्रीय विषय प्रमुख/मन्त्री/संगठन मन्त्री द्वारा निश्चित पर्यवेक्षकों की देख-रेख में सम्पन्न होगा।

. क्षेत्रीय भाषा में प्रश्नमंच प्रांत स्तर तक होना निर्धारित करें। क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर (विद्या भारती अखिल भारतीय संस्कृति महोत्सव) हिन्दी एवं अंग्रेज़ी में होना निर्धारित है। निर्धारित नियमावली के आधार पर ही प्रश्नमंच प्रांरभिक स्तर से आयोजित करना श्रेयस्कर है। इससे भैया-बहिन नियमावली से परिचित हो सकेंगे तथा राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश/क्षेत्र का नाम उन्नत कर सकेंगे।

                प्रश्नमंच चार वर्गों में आयोजित किया जाएगा: (क) शिशु वर्ग-कक्षा चतुर्थी एवं पंचमी; (ख) बाल वर्ग- कक्षा षष्ठी, सप्तमी एवं अष्टमी; (ग) किशोर वर्ग-कक्षा नवमी, दशमी; (घ) तरुण वर्ग- कक्षा एकादशी एवं द्वादशी। उपरोक्त चारों वर्गों में केवल निर्धारित कक्षाओं के भैया/बहिन ही भाग ले सकेंगे।

. विद्या भारती अखिल भारतीय संस्कृति महोत्सव का आयोजन स्वतंत्र रूप से ‘‘विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान, संस्कृति भवन, सलारपुर रोड, कुरुक्षेत्र-136118 (हरियाणा)’’ में 10 से 12 नवम्बर 2019 तक किया जाएगा। 9 नवम्बर की सायं तक सभी प्रतिभागियों को कुरुक्षेत्र पहुंचना अनिवार्य है।

2. प्रतिभागिता - (क) विद्या भारती से सम्बद्ध प्रत्येक क्षेत्र के विजेता विद्यालय अखिल भारतीय प्रश्नमंच में भाग ले सकेंगे।

(ख) एक वर्ग की टीम में तीन विद्यार्थी रहेंगे।

(ग) क्षेत्र स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाला दल अखिल भारतीय प्रश्नमंच में क्षेत्रनुसार भाग लेगा।

(घ) निर्धारित फोटो युक्त पूर्ण भरा हुआ परिचय पत्र विद्यालय स्तर से भरवाकर लाना है। परिचय पत्र के अभाव में दल सम्मिलित नहीं किया जायेगा।

(घ) परिचय पत्र पर सभी स्तरों के परिणाम अंकित कर प्रत्येक स्तर के संयोजक के हस्ताक्षर भी कराने हैं।

(च) अखिल भारतीय प्रश्नमंच में प्रश्न LCD Projector के माध्यम से स्क्रीन पर हिन्दी तथा अंग्रेजी में प्रदर्शित किए जायेंगे। हिन्दी-इतर क्षेत्रें/प्रान्तों में प्रतिभागियों को प्रारम्भ से ही इन्हीं भाषाओं में स्वाध्याय/तैयारी कराई जाये ताकि अखिल भारतीय स्तर पर पहुँचने पर प्रतिभागियों को भाषा के कारण प्रश्न को समझने में कठिनाई न हो।

(छ) प्रतियोगिता स्थल पर पंजीयन के समय परिचय पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

(ज) ऑन लाइन पूर्व में भी पंजीयन कराना सुनिश्चित करें। इस हेतु संस्थान की वेबसाइट www.samskritisansthan.com पर जाएं।

(झ) प्रश्नमंच में मौखिक उत्तर देना है इसके लिए किसी भी प्रकार के रफ कार्य की अनुमति नहीं होगी।

(ण)  प्रान्त या विभाग में भी प्रोजेक्टर का प्रयोग प्रश्नमंच के लिए करना चाहिए।

(ट) जिन प्रदेशों से टीम की प्रतिभागिता होती है वहाँ के प्रांत प्रमुख की उपस्थिति महोत्सव में अनिवार्यतः अपेक्षित है तथा सभी क्षेत्र प्रमुखों की उपस्थिति अनिवार्य है।  

3. पाठ्यक्रम -

प्रत्येक प्रतिभागी को वन्दना, प्रातःस्मरण, एकात्मतास्तोत्र, भोजन मंत्र तथा दोनों अखिल भारतीय गीत याद करके आना चाहिए।

2019-20 की प्रश्नमंच प्रतियोगिता के लिए विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान, कुरुक्षेत्र द्वारा निर्धारित पाठ्य पुस्तकें इस प्रकार रहेंगी। इसके अतिरिक्त यदि क्षेत्रीय स्तर पर तीनों वर्गों हेतु कुछ अन्य पुस्तकों का चयन किया जाता है तो उसकी जानकारी आपको अपने क्षेत्रीय कार्यालय से प्राप्त होगी।

· निम्नलिखित एवं उसके बाद प्रकाशित संस्करण ही मान्य होंगे।

 शिशु वर्ग (कक्षा व 5)    

  1. संस्कृति ज्ञान परीक्षा प्रश्नोत्तरी कक्षा - 4, 5                सत्र 2019-20         
  2. प्रेरणा दीप भाग-1                                      2015, षष्ठ
  3. हमारे राष्ट्र निर्माता भाग-1, प्रथम 15 पाठ                  2017, एकादश

 बाल वर्ग (6, 7 तथा 8

  1. संस्कृति ज्ञान परीक्षा प्रश्नोत्तरी, कक्षा - 6, 7, 8              सत्र 2019-20  
  2. व्यावहारिक खगोल परिचय, प्रथम छः पाठ                   2015, सप्तम  
  3. प्रेरणा दीप भाग-2                                      2015, षष्ठ
  4. हमारे राष्ट्र निर्माता भाग-1, पाठ 16 से 32 तक              2017, एकादश

  किशोर वर्ग (कक्षा व 10)            

  1.  संस्कृति ज्ञान परीक्षा प्रश्नोत्तरी, कक्षा- 9,10               सत्र 2019-20  
  2.  व्यावहारिक खगोल परिचय                             2015, सप्तम  
  3.  प्रेरणा दीप भाग-3                                    2014, पंचम
  4.  हमारे राष्ट्र निर्माता भाग-2, पाठ 1 से 25 तक             2013, अष्टम  
  5.  सामाजिक समरसता और हमारे संत                      2014

 तरुण वर्ग (कक्षा 11 व 12)

  1. संस्कृति ज्ञान परीक्षा प्रश्नोत्तरी, कक्षा - 11,12             सत्र 2019-20
  2. व्यावहारिक खगोल परिचय                             2015, सप्तम           
  3. प्रेरणा दीप भाग-4                                    2017, तृतीय   
  4. हमारे राष्ट्र निर्माता भाग-2 पाठ 26 से 41 तक            2013, अष्टम  
  5. सामाजिक समरसता और हमारे संत                      2014 

पुस्तक प्राप्ति स्थान - आपके अपने प्रान्त का प्रान्तीय साहित्य भण्डार

विशेष : प्रश्नमंच की तैयारी की दृष्टि से विद्यालय के अधिकाधिक भैया-बहिनों को इन पुस्तकों के स्वाध्याय के लिए प्रेरित करें तथा उनकी प्रतियोगिता करवाकर श्रेष्ठ दल का चयन करें।    

  1. आदेश के साथ धनराशि अवश्य भेजें। डाक व्यय अतिरिक्त देय होगा।

  2. प्रतियोगिता में भाषा का माध्यम प्रदेश समिति द्वारा दी गई व्यवस्था के अनुसार होगा। अखिल भारतीय प्रश्नमंच में प्रश्न स्ब्क् च्तवरमबजवत के माध्यम से स्क्रीन पर हिन्दी तथा अंग्रेजी में प्रदर्शित किए जायेंगे। हिन्दी-इतर क्षेत्रें/प्रान्तों में प्रतिभागियों को प्रारम्भ से ही इन्हीं भाषाओं में स्वाध्याय/तैयारी कराई जाये ताकि अखिल भारतीय स्तर पर पहुँचने पर प्रतिभागियों को भाषा के कारण प्रश्न को समझने में कठिनाई न हो।

  3. प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम की सामग्री पर आधारित होंगे, इनका निर्माण प्रादेशिक/क्षेत्रीय/अखिल भारतीय विषय संयोजक की व्यवस्थानुसार होगा।

  3.1 निर्धारित पुस्तक जो नवीन संस्करण के हों का ही अभ्यास कराकर लायें। नियमावली भी भैया-बहनों को पढ़ाएँ।

 3.2 सबको प्रश्नमंच हेतु प्रोजेक्टर के प्रयोग का अभ्यास कराना श्रेयस्कर होगा।

 3.3 परिणाम - टीम के प्रतिनिधित्व के आधार पर घोषित किया जाएगा यथा- राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र की प्रतिभागिता रहेगी और क्षेत्र विजयी होगा। इसी प्रकार क्षेत्र में प्रान्त की प्रतिभागिता होगी एवं विजयी प्रान्त घोषित किया जाएगा। यही क्रम प्रारंभिक स्तर तक जाएगा। किन्तु किसी भी स्थिति में प्रतिभागी टीम में एक से अधिक विद्यालयों के चयनित भैया-बहिन नहीं रहेंगे। वह एक टीम (विजेता) एक ही विद्यालय की होगी।

                    ·      निर्णायकों को (जिन्हें हम बुलाते हैं) नियमावली पढ़ा देना श्रेयस्कर होगा।    

3.4 प्रश्न मंच में व्याख्यात्मक अथवा विश्लेषणात्मक प्रश्नों के लिए कोई स्थान नहीं हैं क्योंकि ऐसे प्रश्नों के उत्तर प्रायः लम्बे होते हैं। प्रश्न ऐसे होंगे जिनका उत्तर संक्षिप्त अर्थात् प्रायः एक शब्द, वाक्यांश अथवा एक-दो वाक्य में ही हो।

3.5 प्रश्न तथ्यों पर आधारित होंगे। ये प्रश्न किसी एक तथ्य पर अथवा दो या दो से अधिक तथ्यों के पारस्परिक सम्बन्ध पर आधारित हो सकते हैं, ताकि वे जिज्ञासा मूलक, चिन्तन प्रेरक तथा संस्कार उद्बोधक हो सकें।

3.6 प्रश्न वस्तुनिष्ठ, अनेक दिए गए उत्तरों में से ठीक उत्तर छांटो, तुलनात्मक अथवा अन्य किसी प्रकार के भी हो सकते हैं। दृश्य-श्रव्य माध्यमों का प्रयोग करके भी प्रश्न प्रस्तुत किए जा सकते हैं।

3.7 प्रश्न, पुस्तक में दी गई भाषा, शैली के अनुसार होना आवश्यक नहीं है। सामग्री को आधार मानकर प्रश्नों की भाषा-शैली विविध प्रकार की हो सकती है।

3.8 प्रश्नों का किसी एक भाग में दी गई सामग्री पर आधारित होना आवश्यक नहीं है। एक प्रश्न में ही पाठ्यक्रम में अलग-अलग स्थानों पर दी गई सामग्री का भी समावेश हो सकता है।

3.9 प्रश्न सटीक हों तथा पुस्तक में उनमें से एक से अधिक उत्तर प्राप्य न हों। परन्तु यदि पुस्तक में एक से अधिक उत्तर प्राप्य हों तो दोनों को सही मानकर अंक दिए जाएं तथा इसकी सूचना भविष्य में सुधार हेतु कुरुक्षेत्र कार्यालय को भेजें।

3.10 प्रश्न की भाषा यथासंभव सरल, सुबोध, संक्षिप्त तथा स्पष्ट होगी। प्रश्न का एक ही अर्थ निकलना अपेक्षित है।

3.11 प्रश्न में अपेक्षित उत्तर का निर्देशक संकेत शब्द, स्थान, समय, व्यक्ति, दिशा, कारण, आदि स्पष्ट रहेगा ताकि उत्तर दिशा समझने में भ्रम न हो।

3.12 प्रश्नों के एक चक्र में लगभग एक ही स्तर के प्रश्न होना अपेक्षित है। उतरोत्तर चक्रों का स्तर क्रमशः ऊंचा होना अपेक्षित है। अतः प्रत्येक पुस्तक से कम से कम एक चक्र (One Round) अवश्य रहे।

    प्रश्नमंच सत्र 2019-20 में प्रश्नों के निम्नलिखित प्रकार हो सकते हैं- 

1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए ।

  यथा- भगवान महावीर का जन्म ---------- राज्य में हुआ था।

  उत्तर- बिहार

2. विकल्प छाँट कर उत्तर दीजिए।

  यथा- श्रीराम का जन्म स्थान इनमें से कौन सा है?

    1- काशी, 2- अयोध्या, 3- मथुरा, 4- हरिद्वार

  उत्तर- अयोध्या

3. सही गलत बतायें।

  यथा  ओडिसा की राजधानी कंकटकानगर है।

  उत्तर- गलत

4. सही तिथि / दिनाँक एवं वर्ष बतायें?

5. इनके माता/पिता/गुरु एवं पत्नी/पति का नाम बतायें?

6. कविता/श्लोक की पंक्ति पूर्ण करें?

7. इनके उत्तर एक शब्द में दीजिए।

 4  प्रश्नों की संख्या:

4.1    प्रतियोगिता में प्रश्नों की एक  शृंखला होगी। आवश्यकता पड़ने पर प्रश्नों की दूसरी, तीसरी अथवा चौथी  शृंखला भी हो सकेगी। प्रथम  शृंखला में बारह प्रश्न होंगे। प्रत्येक पुस्तक से प्रश्न पूछना अनिवार्य है।

4.2    प्रत्येक चक्र में समान स्तर के उतने ही प्रश्न होंगे जितने कि प्रतिभागी दल रहेंगे।

4.3    सबके लिए प्रश्नमंच हेतु प्रोजैक्टर/LCD का प्रयोग करना श्रेयस्कर है।

4.4    प्रश्नों को कार्डों की बजाए प्रोजैक्टर/LCD आदि से भी प्रदर्शित किया जाएगा।

5  प्रश्नोत्तर विधि:

5.1    प्रश्न एक ही बार बोला जाएगा, किन्तु विद्या भारती, प्रश्न पूछने की विधि में आवश्यकतानुसार परिवर्तन कर सकेगी, जिसकी सूचना यथासमय प्रदेश/क्षेत्रीय समितियों को दे दी जायेगी। स्क्रीन पर प्रश्न आने की स्थिति में प्रश्न बोलकर नहीं पूछे जायेंगे।

5.2    प्रश्न का उत्तर देने के लिए 25 सैकेण्ड का समय रहेगा। समय गणना पूरा प्रश्न पूछे जाने के तुरन्त बाद आरम्भ होगी। 20 सैकेण्ड बीतने पर चेतावनी की घण्टी बजेगी तथा 25 सैकेण्ड का समय बीतने पर दो घण्टी बजाकर समय पूरा होने की सूचना दी जाएगी। समय संकेत स्क्रीन के माध्यम से भी दर्शाया जा सकता है। स्ब्क् स्क्रीन पर प्रश्न आते ही समय गणना प्रारम्भ हो जाएगी।

5.3    पुस्तक में लिखा उत्तर ही सही उत्तर माना जाएगा। उत्तर देने में तीनों प्रतिभागी आपस में परामर्श कर सकेंगे। तीनों में से किसी एक के द्वारा दिया गया उत्तर स्वीकार किया जाएगा। प्रथम दिया गया उत्तर ही अन्तिम उत्तर होगा।

5.4    अस्पष्ट, अधूरे, गलत अथवा कोई उत्तर न दिए जाने की दशा में प्रतिभागी टीम को शून्य अंक मिलेगा। पूरा, सही और समय पर दिए गए उत्तर का पूरा अंकलाभ प्रतिभागी टीम को मिलेगा।

5.5    उच्चारण में भिन्नता स्वीकार्य होगी परन्तु उत्तर की शुद्धता अनिवार्य है। उत्तर के सही या गलत होने की घोषणा प्राश्निक उच्च स्वर में करेंगे। उसी के अनुसार प्रतिभागी टीमों के अंकों की गणना सामने रखे गये श्याम/श्वेत पट्ट पर सही () व गलत (X) चिह्नों द्वारा दर्शायी जाएगी।

5.6    उत्तर के सही, पूर्ण तथा समय में दिए गए, का निर्णय प्राश्निक महोदय स्क्रीन पर दिए गये सही उत्तर के आधार पर करेंगे। इस विषय में प्राश्निक महोदय का निर्णय मान्य होगा परन्तु किसी सम्भ्रम की स्थिति में निर्णायक महोदय का निर्णय अन्तिम निर्णय के रूप में सर्वमान्य होगा।

6 परिणाम:

6.1    जिन प्रथम तीन प्रतिभागी दलों के सर्वाधिक अंक होंगे उन्हें अंकों के क्रमानुसार प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान का विजेता घोषित किया जाएगा।

6.2 यदि किसी स्थान के लिए दो या दो से अधिक दलों के समान अंक होंगे तो दूसरी  शृंखला में उन्हें ही सम्मिलित किया जाएगा, जिनके अंक समान होंगे। दूसरी  शृंखला में पांच प्रश्न होंगे। दूसरी  शृंखला में निर्णय न होने पर तीसरी, चौथी  शृंखला के तीन-तीन प्रश्न से परिणाम के आधार पर अन्तिम तीनों स्थानों का परिणाम घोषित किया जाएगा। परिणाम की लिखित सूचना प्राश्निक/संयोजक आयोजक कार्यालय को देंगे। संस्थान को भी प्रांत/क्षेत्र में विजयी टीम की सूचना दें। सहभागिता संख्या विद्यालय से लेकर क्षेत्र तक की संस्थान कार्यलय को प्रेषित करें।

6.3 परिणाम - टीम के प्रतिनिधित्व के आधार पर घोषित किया जाएगा यथा - राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र की प्रतिभागिता रहेगी और क्षेत्र विजयी होगा। इसी प्रकार क्षेत्र में प्रान्त की प्रतिभागिता होगी एवं विजयी प्रान्त घोषित किया जाएगा। यही क्रम प्रारंभिक स्तर तक जाएगा। किन्तु किसी भी स्थिति में प्रतिभागी टीम में एक से अधिक विद्यालयों के चयनित भैया-बहिन नहीं रहेंगे। वह एक टीम (विजेता) एक ही विद्यालय की होगी।

6.4   क्षेत्र स्तर तक विजेता दल के प्रत्येक प्रतिभागी को पारितोषिक क्षेत्रीय समिति की ओर से दिया जाएगा।

6.5  प्रत्येक प्रतिभागी को प्रश्न मंच में भाग लेने का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

6.6   प्रांतीय एवं क्षेत्रीय समितियां परिणाम की एक प्रति विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान, कुरुक्षेत्र कार्यालय को अवश्य भेजें।

6.7 प्रश्नमंच कार्यक्रम में किसी भी प्रकार के परिवर्तन का निर्णय अखिल भारतीय कार्यकारिणी के द्वारा लिया जाएगा। तद्नुसार सूचना प्रान्तीय एवं क्षेत्रीय समितियों को कुरुक्षेत्र से प्रेषित की जाएगी।

6.8 पुरस्कार: अखिल भारतीय आयोजन के पुरस्कार संस्कृति शिक्षा संस्थान की ओर से दिए जायेंगे। अतः आयोजक प्रान्त, केन्द्रीय कार्यालय से परामर्श कर पुरस्कारों को प्राप्त करें।

 

img
img

अखिल भारतीय संस्कृति ज्ञान प्रश्नमंच हेतु निर्धारित पुस्तकें
ध्यान दें: (इनके नवीनतम संस्करण ही मान्य होंगे)

क्र॰ पुस्तक का नाम  
 
मूल्य प्रति पुस्तक
शिशु वर्ग (कक्षा 4 व 5 )
1. संस्कृति ज्ञान परीक्षा प्रश्नोत्तरी कक्षा - 4, 5       
                                      10/-
 
 
2. प्रेरणा दीप भाग-1  
 
33/-
3. हमारे राष्ट्र निर्माता भाग-1, प्रथम 15 पाठ  
 
40/-
बाल वर्ग (6, 7 तथा 8)
1. संस्कृति ज्ञान परीक्षा प्रश्नोत्तरी, कक्षा - 6, 7, 8  
 
10/-
2. व्यावहारिक खगोल परिचय, प्रथम छः पाठ  
 
15/-
3. प्रेरणा दीप भाग-2  
 
33/-
4. हमारे राष्ट्र निर्माता भाग-1, पाठ 16 से 32 तक  
 
40/-
किशोर वर्ग (कक्षा 9 व 10 )
1. संस्कृति ज्ञान परीक्षा प्रश्नोत्तरी, कक्षा- 9,10  
 
10/-
2. व्यावहारिक खगोल परिचय  
 
15/-
3. प्रेरणा दीप भाग-3  
 
33/-
4. हमारे राष्ट्र निर्माता भाग-2, पाठ 1 से 25 तक  
 
25/-
5. सामाजिक समरसता और हमारे संत  
 
38/-
तरुण वर्ग (कक्षा 11 व 12 )
1. संस्कृति ज्ञान परीक्षा प्रश्नोत्तरी, कक्षा - 11,12  
 
10/-
2. व्यावहारिक खगोल परिचय  
 
15/-
3. प्रेरणा दीप भाग-4  
 
33/-
4. हमारे राष्ट्र निर्माता भाग-2 पाठ 26 से 41 तक  
 
25/-
5. सामाजिक समरसता और हमारे संत  
 
38/-
पुस्तक प्राप्ति स्थान - सभी प्रदेश समितियों के कार्यालय अथवा उनके निर्देशानुसार साहित्य भण्डार केन्द्र। वहाँ उपलब्ध न हो पाने पर संस्कृति शिक्षा संस्थान, कुरुक्षेत्र ।

विशेष :

प्रश्नमंच की तैयारी की दृष्टि से विद्यालय के अधिकाधिक भैया-बहिनों को इन पुस्तकों के स्वाध्याय के लिए प्रेरित करें तथा उनकी प्रतियोगिता करवाकर श्रेष्ठ दल का चयन करें।

  • 1. विद्यालय वांछित पुस्तकों हेतु बैंक ड्राफ्रट/ध्नादेश अपनी प्रान्तीय समिति को भेज कर साहित्य मंगवायें अथवा राशि यूनियन बैंक ऑपफ इंडिया के विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान बचत खाता क्र॰ 535402010000303 में अपने स्थान पर ही जमा कर ई-मेल sgp@samskritisansthan.org पर आदेश भेजें।
  • 2. आदेश के साथ धनराशि अवश्य भेजें। डाक व्यय अतिरिक्त देय होगा।
  • 3. प्रतियोगिता में भाषा का माध्यम प्रदेश समिति द्वारा दी गई व्यवस्था के अनुसार होगा। अखिल भारतीय प्रश्नमंच में प्रश्न स्ब्क् च्तवरमबजवत के माध्यम से स्क्रीन पर हिन्दी तथा अंग्रेजी में प्रदर्शित किए जायेंगे। हिन्दी-इतर क्षेत्रों/प्रान्तों में प्रतिभागियों को प्रारम्भ से ही इन्हीं भाषाओं में स्वाध्याय/तैयारी कराई जाये ताकि अखिल भारतीय स्तर पर पहुँचने पर प्रतिभागियों को भाषा के कारण प्रश्न को समझने में कठिनाई न हो।
  • 4. प्रश्न निर्धरित पाठ्यक्रम की सामग्री पर आधरित होंगे, इनका निर्माण प्रादेशिक/क्षेत्रीय/अखिल भारतीय विषय संयोजक की व्यवस्थानुसार होगा।
  • 4.1. प्रश्न मंच में व्याख्यात्मक अथवा विश्लेषणात्मक प्रश्नों के लिए कोई स्थान नहीं हैं क्योंकि ऐसे प्रश्नों के उत्तर प्रायः लम्बे होते हैं। प्रश्न ऐसे होंगे जिनका उत्तर संक्षिप्त अर्थात् प्रायः एक शब्द, वाक्यांश अथवा एक-दो वाक्य में ही हो।
  • 4.2. प्रश्न तथ्यों पर आधरित होंगे। ये प्रश्न किसी एक तथ्य पर अथवा दो या दो से अध्कि तथ्यों के पारस्परिक सम्बन्ध् पर आधरित हो सकते हैं, ताकि वे जिज्ञासा मूलक, चिन्तन प्रेरक तथा संस्कार उद्बोधक हो सकें।
  • 4.3. प्रश्न वस्तुनिष्ठ, अनेक दिए गए उत्तरों में से ठीक उत्तर छांटो, तुलनात्मक अथवा अन्य किसी प्रकार के भी हो सकते हैं। दृश्य-श्रव्य माध्यमों का प्रयोग करके भी प्रश्न प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
  • 4.4. प्रश्न, पुस्तक में दी गई भाषा, शैली के अनुसार होना आवश्यक नहीं है। सामग्री को आधार मानकर प्रश्नों की भाषा-शैली विविध् प्रकार की हो सकती है।
  • 4.5. प्रश्नों का किसी एक भाग में दी गई सामग्री पर आधरित होना आवश्यक नहीं है। एक प्रश्न में ही पाठ्यक्रम में अलग-अलग स्थानों पर दी गई सामग्री का भी समावेश हो सकता है।
  • 4.6. प्रश्न सटीक हों तथा पुस्तक में उनमें से एक से अधिक उत्तर प्राप्य न हों। परन्तु यदि पुस्तक में एक से अधिक उत्तर प्राप्य हों तो दोनों को सही मानकर अंक दिए जाएं तथा इसकी सूचना भविष्य में सुधार हेतु कुरुक्षेत्र कार्यालय को भेजें।
  • 4.7. प्रश्न की भाषा यथासंभव सरल, सुबोध्, संक्षिप्त तथा स्पष्ट होगी। प्रश्न का एक ही अर्थ निकलना अपेक्षित है।
  • 4.8. प्रश्न में अपेक्षित उत्तर का निर्देशक संकेत शब्द, स्थान, समय, व्यक्ति, दिशा, कारण, आदि स्पष्ट रहेगा ताकि उत्तर दिशा समझने में भ्रम न हो।
  • 4.9. प्रश्नों तथा उत्तरों का आकार यथासम्भव छोटा रहेगा।
  • 4.10. प्रश्नों के एक चक्र में लगभग एक ही स्तर के प्रश्न होना अपेक्षित है। उतरोत्तर चक्रों का स्तर क्रमशः ऊंचा होना अपेक्षित है। अतः प्रत्येक पुस्तक से कम से कम एक चक्र One Round अवश्य रहे।
  • प्रश्नमंच सत्र 2018-19 में प्रश्नों के निम्नलिखित प्रकार हो सकते हैं -
  • 1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए ।
    यथा- भगवान महावीर का जन्म ---------- राज्य में हुआ था।
    उत्तर - बिहार
  • 2. विकल्प छाँट कर उत्तर दीजिए।
    यथा - श्रीराम का जन्म स्थान इनमें से कौन सा है?
    1. काशी, 2. अयोध्या, 3. मथुरा, 4. हरिद्वार
    उत्तर - अयोध्या
  • 3. सही गलत बतायें।
    यथा - ओडिसा की राजधानी कंकटकानगर है।
    उत्तर - गलत
  • 4. सही तिथि / दिनाँक एवं वर्ष बतायें?
  • 5. इनके माता/पिता/गुरु एवं पत्नी/पति का नाम बतायें?
  • 6. कविता/श्लोक की पंक्ति पूर्ण करें?
  • 7. इनके उत्तर एक शब्द में दीजिए।

5. प्रश्नों की संख्या : शिशु वर्ग

शुल्क प्राप्ति की तिथि के पश्चात् एक मास तक की अवधि के अन्दर पुस्तिकाएं केन्द्र पर भेज दी जाती हैं। पुस्तिका में प्रश्न तथा उनके उत्तर अत्यन्त रोचक ढंग से दिए रहते हैं, जिन्हें छात्र अत्यन्त सरलता से हृदयंगम कर लेते हैं। परीक्षा प्रश्नपत्र वस्तुनिष्ठ एवं लघु उत्तरीय होता है, प्रश्नों के उत्तर, प्रश्न पत्र पर ही निर्देशित रिक्त स्थान पर लिखने होते हैं।

परीक्षा शुल्क -

क्र. पुस्तक का नाम  
 
चक्र
1. बोधमाला - 4  
 
3
2. बोधमाला - 5  
 
3
3. प्रेरणा दीप भाग - 1  
 
3
4. हमारे राष्ट्र निर्माता भाग-1 (पाठ-1 से 15)  
 
3
कुल  
 
12
अतिरिक्त चक्र - (सभी 4 पुस्तकों से 10-10 प्रश्न कठिन स्तर के)
बाल वर्ग
क्र. पुस्तक का नाम  
 
चक्र
1. बोधमाला-6  
 
2
2. बोधमाला-7  
 
2
3. बोधमाला-8  
 
2
4. व्यावहारिक खगोल परिचय (पाठ-1 से 6)  
 
2
5. प्रेरणा दीप भाग-2  
 
2
6. हमारे राष्ट्र निर्माता भाग-1 (पाठ-16 से 32)  
 
2
कुल  
 
12
अतिरिक्त चक्र - (सभी 6 पुस्तकों से 10-10 प्रश्न कठिन स्तर के)
किशोर वर्ग
क्र. पुस्तक का नाम  
 
चक्र
1. बोधमाला-9  
 
2
2. बोधमाला-10  
 
2
3. व्यावहारिक खगोल परिचय- (पूर्ण पुस्तक)  
 
2
4. प्रेरणा दीप भाग-3  
 
2
5. हमारे राष्ट्र निर्माता भाग-2 (पाठ 1 से 25)  
 
2
6. सामाजिक समरसता और हमारे संत  
 
2
कुल  
 
12
अतिरिक्त चक्र - (सभी 6 पुस्तकों से 10-10 प्रश्न कठिन स्तर के)
तरुण वर्ग
क्र. पुस्तक का नाम  
 
चक्र
1. बोधमाला-11  
 
2
2. बोधमाला-12  
 
2
3. व्यावहारिक खगोल परिचय (पूर्ण पुस्तक)  
 
2
4. प्रेरणा दीप भाग-4  
 
2
5. हमारे राष्ट्र निर्माता भाग-2 (पाठ 26 से 41)  
 
2
6. सामाजिक समरसता और हमारे संत  
 
2
कुल  
 
12
अतिरिक्त चक्र - (सभी 6 पुस्तकों से 10-10 प्रश्न कठिन स्तर के)
  • 5.1. प्रतियोगिता में प्रश्नों की एक शृंखला होगी। आवश्यकता पड़ने पर प्रश्नों की दूसरी, तीसरी अथवा चौथी शृंखला भी हो सकेगी। प्रथम शृंखला में बारह प्रश्न होंगे। प्रत्येक पुस्तक से प्रश्न पूछना अनिवार्य है।
  • 5.2. प्रत्येक चक्र में समान स्तर के उतने ही प्रश्न होंगे जितने कि प्रतिभागी दल रहेंगे।
  • 5.3. प्रश्न तथा उनके उत्तर कार्ड स्लाइड पर लिखें होंगे। एक कार्ड पर एक ही प्रश्न तथा उसका उत्तर रहेगा।
  • 5.4. प्रत्येक चक्र के प्रश्न कार्डों को मिलाकर उनकी क्रम संख्या निर्धरित करके उन्हें उसी क्रम में बांधकर रखा जाएगा।
  • 5.5. प्रश्नों को कार्डों की बजाए प्रोजैक्टर आदि से भी प्रदर्शित किया जा सकता है।
  • 6. प्रश्नोत्तर विधि -
  • 6.1. प्रश्न एक ही बार बोला जाएगा, किन्तु विद्या भारती, प्रश्न पूछने की विधि में आवश्यकतानुसार परिवर्तन कर सकेगी, जिसकी सूचना यथासमय प्रदेश/क्षेत्रीय समितियों को दे दी जायेगी। स्क्रीन पर प्रश्न आने की स्थिति में प्रश्न बोलकर नहीं पूछे जायेंगे।
  • 6.2. प्रश्न का उत्तर देने के लिए 25 सैकेण्ड का समय रहेगा। समय गणना पूरा प्रश्न पूछे जाने के तुरन्त बाद आरम्भ होगी। 20 सैकेण्ड बीतने पर चेतावनी की घण्टी बजेगी तथा 25 सैकेण्ड का समय बीतने पर दो घण्टी बजाकर समय पूरा होने की सूचना दी जाएगी। समय संकेत स्क्रीन के माध्यम से भी दर्शाया जा सकता है। स्ब्क् स्क्रीन पर प्रश्न आते ही समय गणना प्रारम्भ हो जाएगी।
  • 6.3. पुस्तक में लिखा उत्तर ही सही उत्तर माना जाएगा। उत्तर देने में तीनों प्रतिभागी आपस में परामर्श कर सकेंगे। तीनों में से किसी एक के द्वारा दिया गया उत्तर स्वीकार किया जाएगा। प्रथम दिया गया उत्तर ही अन्तिम उत्तर होगा।
  • 6.4. अस्पष्ट, अधूरे, गलत अथवा कोई उत्तर न दिए जाने की दशा में प्रतिभागी टीम को शून्य अंक मिलेगा। पूरा, सही और समय पर दिए गए उत्तर का पूरा अंकलाभ प्रतिभागी टीम को मिलेगा।
  • 6.5. उच्चारण में भिन्नता स्वीकार्य होगी परन्तु उत्तर की शुद्धता अनिवार्य है। उत्तर के सही या गलत होने की घोषणा प्राश्निक उच्च स्वर में करेंगे। उसी के अनुसार प्रतिभागी टीमों के अंकों की गणना सामने रखे गये श्याम/श्वेत पट्ट पर सही () व गलत (x) चिह्नों द्वारा दर्शायी जाएगी।
  • 6.6. उत्तर के सही, पूर्ण तथा समय में दिए गए, का निर्णय प्राश्निक महोदय प्रश्न कार्ड में दिए गये उत्तर के आधर पर करेंगे। इस विषय में प्राश्निक महोदय का निर्णय मान्य होगा परन्तु किसी सम्भ्रम की स्थिति में निर्णायक महोदय का निर्णय अन्तिम निर्णय के रूप में सर्वमान्य होगा।
  • 7. परिणाम -
  • 7.1. जिन प्रथम तीन प्रतिभागी दलों के सर्वाधिक अंक होंगे उन्हें अंकों के क्रमानुसार प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान का विजेता घोषित किया जाएगा।
  • 7.2. यदि किसी स्थान के लिए दो या दो से अधिक दलों के समान अंक होंगे तो दूसरी श्रृंखला में उन्हें ही सम्मिलित किया जाएगा, जिनके अंक समान होंगे। दूसरी श्रृंखला में पांच प्रश्न होंगे। दूसरी श्रृंखला में निर्णय न होने पर तीसरी, चौथी श्रृंखला के तीन-तीन प्रश्न से परिणाम के आधार पर अन्तिम तीनों स्थानों का परिणाम घोषित किया जाएगा। परिणाम की लिखित सूचना प्राश्निक / संयोजक आयोजक कार्यालय को देंगे।
  • 7.3. परिणाम प्रदेश/क्षेत्र समिति के आधार पर घोषित किया जाएगा, कोई व्यक्तिगत परिणाम घोषित नहीं होगा। अखिल भारतीय प्रतियोगिता में क्षेत्र स्तर पर विजयी दल सम्मिलित होंगे अतः परिणाम भी क्षेत्रानुसार घोषित होगा।
  • 7.4. क्षेत्र स्तर तक विजेता दल के प्रत्येक प्रतिभागी को पारितोषिक क्षेत्रीय समिति की ओर से दिया जाएगा।
  • 7.5. प्रत्येक प्रतिभागी को प्रश्न मंच में भाग लेने का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
  • 7.6. प्रांतीय एवं क्षेत्रीय समितियां परिणाम की एक प्रति विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान, कुरुक्षेत्र कार्यालय को अवश्य भेजें।
  • 7.7. प्रश्नमंच कार्यक्रम में किसी भी प्रकार के परिवर्तन का निर्णय अखिल भारतीय कार्यकारिणी के द्वारा लिया जाएगा। तद्नुसार सूचना प्रान्तीय एवं क्षेत्रीय समितियों को कुरुक्षेत्र से प्रेषित की जाएगी।
  • 7.8. पुरस्कार: अखिल भारतीय आयोजन के पुरस्कार संस्कृति शिक्षा संस्थान की ओर से दिए जायेंगे। अतः आयोजक प्रान्त, केन्द्रीय कार्यालय से परामर्श कर पुरस्कारों को प्राप्त करें।

img