अखिल भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा छात्रों के लिए -

  • विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान द्वारा संस्कृति बोध माला का प्रकाशन किया गया है तथा इस पुस्तक माला के स्वाध्याय के आधार पर अखिल भारतीय स्तर पर संस्कृति ज्ञान परीक्षा एवं प्रश्नमंचों का आयोजन किया जाता है।
  • संस्कृति ज्ञान परीक्षा का छात्रों एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा अप्रत्याशित स्वागत हो रहा है। परीक्षार्थियों की संख्या में निरन्तर वृद्धि होना ही परीक्षा की लोकप्रियता का प्रमाण है।

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प्रधनाचार्यों से निवेदन -

विद्या भारती अ.भा.शिक्षा संस्थान से सम्बद्ध विद्यालयों के साथ राजकीय एवं अन्य विद्यालयों के छात्र भी इस परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं तथा यह मांग प्रतिवर्ष बढ़ती जा रही है। अच्छा हो हम लोग भी अन्य विद्यालयों से सम्पर्क स्थापित करें तथा उन्हें इसके लिए प्रेरित करें। अपने विद्यालय में तो सभी भैया/बहिनों एवं आचार्य दीदियों के लिए इसे अनिवार्य रूप से लागू करना ही है। अतः अपने विद्यालय के कक्षा 4 से 12 तक के सभी भैया बहिन इस परीक्षा में सम्मिलित होने चाहिए।

परीक्षा प्रणाली -

कक्षा 4 से 12 तक प्रत्येक कक्षा के लिए अलग-अलग बोधमाला पुस्तिकाएं निर्धरित की गई हैं। कक्षा अनुसार प्रश्न-पत्र इन्हीं पुस्तकों पर आधारित होते हैं। प्रश्नों की भाषा एवं रूप विविधता लिए हुए हो सकते हैं परन्तु मूलभाव और विषय-वस्तु पुस्तक पर आधरित होगी।

प्रत्येक कक्षा की पुस्तिका में भारतीय संस्कृति की प्राचीन धरोहर के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय उपलब्धियों की जानकारी भी दी गई है। प्रत्येक पुस्तक में  सात पाठ हैं -
  • 1.मातृभूमि भारत
  • 2.हिन्दू जीवन दृष्टि
  • 3.संस्कारों की पावन परम्परा
  • 4.हमारा गौरवशाली इतिहास
  • 5.भारतीय विज्ञान की उज्ज्वल परम्परा
  • 6.सामान्य ज्ञान
  • 7.हमारे राष्ट्रनायक

               इन पाठों में कक्षा स्तरानुसार सामग्री का विस्तार किया गया है।

OMR उत्तर पत्रक - हमारे किशोर आयु के भैया-बहनों को निकट भविष्य में अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होना होगा। उन्हें इसका अभ्यास हो सके, इस दृष्टि से इस वर्ष किशोर वर्ग कक्षा 9 (नवमी) एवं 10 (दशमी)  एवं  प्रवेशिका,मध्यमा,उत्तमा तथा प्रज्ञा की  संस्कृति ज्ञान परीक्षा का प्रश्नपत्र  वस्तुनिष्ठ बहुविकल्प प्रकार का होगा जिसके उत्तरों का अंकन अलग से प्रदान किए गए उत्तर पत्रक पर सम्बन्धित प्रश्न के सम्मुख दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर के नीचे आकृति (O) को बॉल पॉइंट पैन से काला करके देना होगा।

पुस्तक प्रेषण -

शुल्क प्राप्ति की तिथि के पश्चात् एक मास तक की अवधि के अन्दर पुस्तिकाएं केन्द्र पर भेज दी जाती हैं। पुस्तिका में प्रश्न तथा उनके उत्तर अत्यन्त रोचक ढंग से दिए रहते हैं, जिन्हें छात्र अत्यन्त सरलता से हृदयंगम कर लेते हैं। परीक्षा प्रश्नपत्र वस्तुनिष्ठ एवं लघु उत्तरीय होता है, प्रश्नों के उत्तर, प्रश्न पत्र पर ही निर्देशित रिक्त स्थान पर लिखने होते हैं।

परीक्षा शुल्क -

कक्षा चतुर्थी से द्वादशी तक सभी विद्यालयों के लिए परीक्षा शुल्क 20.00 रुपये प्रति छात्र है। इसमें से 2.00 रुपये प्रति छात्र की दर से विद्यालय में रखकर शेष राशि 18.00 रुपये संस्कृति ज्ञान परीक्षा कार्यालय कुरुक्षेत्र को भेजनी हैजिसके प्राप्त होने की अन्तिम तिथि 31 अगस्त 2019 है। शुल्क एवं पंजीकरण पत्रक दोनों एक साथ भेजें अन्यथा यहां से सामग्री भेजने में विलम्ब होगा।

बोधमाला पुस्तिका, प्रश्न-पत्र, प्रमाण-पत्र का शुल्क इसी राशि में सम्मिलित है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बोधमाला पुस्तिका 10.00  रुपये प्रति के हिसाब से उपलब्ध हो सकेगी।

शुल्क की धनराशि बैंक ड्राफ्रट अथवा बहुशहरी बैंक चैक द्वारा संस्कृति-ज्ञान परीक्षाके नाम बनवाकर कुरुक्षेत्र कार्यालय के पते पर भेजी जाए।

कक्षानुसार छात्र संख्या एवं वर्गानुसार आचार्य संख्या, नाम सूची सहित निर्धारित शुल्क एवं पते प्रपत्रें में भरकर शुल्क के साथ अवश्य भेजें। इसके अतिरिक्त किसी अन्य माध्यम से शुल्क न भेजें।

आपके द्वारा जारी चैक किसी भी स्थिति में अनादृत (Dishonour) होने पर बैंक द्वारा की जाने वाली कटौती आपके द्वारा देय होगी।

द्रष्टव्य - विद्या भारती विद्यालयों में पढ़ने वाले सभी भैया-बहिनों के लिए संस्कृति ज्ञान परीक्षा में भाग लेना अनिवार्य है। 

आपके द्वारा शुल्क में से अपने विद्यालय में 2-00 रुपये प्रति छात्र की दर से रखी गई राशि को मूल्यांकन, डाक व्यय एवं पुरस्कार आदि पर ही व्यय करना है। इस राशि का व्यय अन्य किसी मद पर नहीं होना चाहिए।

केन्द्रीय कार्यालय में प्राप्त होने वाली राशि में से 1-00 रुपया प्रति छात्र प्रान्त को भेजा जाएगा जिसे संस्कृति ज्ञान परीक्षा के लिए संपर्क एवं विस्तार हेतु किये जाने वाले प्रोत्साहन कार्य में प्रयोग किया जाना चाहिए। इस राशि का प्रयोग प्रान्तीय मंत्री, संगठन मंत्री एवं संस्कृति बोध परियोजना के प्रान्तीय संयोजक के पारस्परिक विचार-विमर्श के आधार पर होगा।

विलम्ब शुल्क -

परीक्षा शुल्क 31 अगस्त 2019 के पश्चात् 30 सितम्बर 2019 तक प्राप्त होने पर 50.00 रुपये प्रति विद्यालय विलम्ब शुल्क भेजना होगा। ये तिथियां कुरुक्षेत्र कार्यालय में शुल्क पहुंचने की हैं, इस विलम्ब शुल्क की सीमा  30 सितम्बर तक निश्चित है। इसके पश्चात् प्राप्त होने वाले परीक्षा शुल्क के साथ रुपये 100.00 (एक सौ रुपये) प्रति विद्यालय विलम्ब शुल्क देय होगा।

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परीक्षा केंद्र -

शुल्क भेजने वाले विद्यालय ही परीक्षा केन्द्र रहेंगे तथा शुल्क भेजने वाले विद्यालयों के प्रधनाचार्य, केन्द्राध्यक्ष रहेंगे। आपके सम्पर्क के आधार पर विद्या भारती से इतर अन्य विद्यालयों के छात्रों की परीक्षा का केन्द्र भी आपका विद्यालय ही होगा अतः उन्हें परीक्षा की तिथि व समय की सूचना आपको ही देनी है।

परीक्षा प्रश्न-पत्र -

प्रश्नोत्तर पुस्तिकायें एवं उत्तर संकेत अलग-अलग पैकेट में भेजे जाएंगे परन्तु किसी भी स्थिति में प्रश्न-पत्रों को परीक्षा समय से पूर्व न खोला जाए। अन्दर रखे प्रश्न-पत्रों की संख्या पैकेट के ऊपर लिखी होगी जिसे अपने द्वारा भेजी गई संख्या से मिला लें तथा प्रश्नपत्र कम होने की स्थिति में तुरन्त परीक्षा कार्यालय कुरुक्षेत्र को सूचित करें। यदि प्रश्न पत्र परीक्षा तिथि से 15 दिन पूर्व तक आपको प्राप्त नहीं होते तो परीक्षा कार्यालय को तुरन्त सूचना दें। मूल्यांकन हेतु विद्यालय के उपयोग की दृष्टि से 5 प्रतिशत प्रश्नोत्तरी एवं प्रश्नपत्र अधिक भेजे जाते हैं। इन्हें केवल मूल्यांकन हेतु प्रयोग करें। नवमी एवं दशमी कक्षा हेतु उत्तर पत्रक भी एक अलग पैकेट में प्रश्नावली के साथ ही भेजे जायेंगे ।

परीक्षा तिथि -

यदि प्रान्तीय समिति उपयुक्त समझे तो परीक्षा का दिन दिसम्बर मास में होने वाली परीक्षाओं के साथ निश्चित करें। परीक्षा की तिथि एक क्षेत्र में एक ही होगी। इसका निश्चय क्षेत्र समिति द्वारा किया जाएगा, जिसकी सूचना क्षेत्रीय संयोजक सत्र के प्रारम्भ में संस्कृति ज्ञान परीक्षा कार्यालय कुरुक्षेत्र को भेज देंगे। नवम्बर मास तक परीक्षा तिथि की सूचना न मिलने पर क्षेत्रीय समिति के कार्यालय से ही पत्र-व्यवहार करें। परीक्षा की तिथि किसी भी अवस्था में 17 दिसम्बर 2019 से पूर्व न हो।

मूल्यांकन-

उत्तर पत्रें का मूल्यांकन सामूहिक रूप से परीक्षा के तुरन्त पश्चात उसी दिन अथवा अगले दिन से ही केन्द्राध्यक्ष के पर्यवेक्षण में किया जायेगा। इसके लिए समाज के सुयोग्य व्यक्तियों का सहयोग लिया जा सकता है। अंक सूचियाँ तैयार कर लेने के पश्चात मूल्यांकित उत्तर-पुस्तिकाएँ भैया/बहिनों को वापस लौटा दें। नवमी से द्वादश कक्षा के भैया-बहन प्रश्नावली को परीक्षा के तुरन्त बाद साथ ले जा सकेंगे। OMR उत्तर पत्रक ही सील बन्द पैकेट में कुरुक्षेत्र कार्यालय को मूल्यांकन हेतु भेजे जायेंगे। कक्षा 9 से 12 एवं प्रवेशिका, मध्यमा, उत्तमा व प्रज्ञा श्रेणी की OMR SHEET परीक्षा के उपरान्त कक्षा 4 से 8 की प्राप्तांक सूची के साथ कुरुक्षेत्र भेजना अपेक्षित है। अन्य अंक पत्र हेतु प्रतीक्षा न कर शीघ्र भेजें।

परीक्षा तिथि से एक सप्ताह के भीतर प्राप्तांक सूची की एक प्रति केन्द्राध्यक्ष, संस्कृति ज्ञान परीक्षा कार्यालय कुरुक्षेत्र को भेजें तथा एक प्रति विद्यालय में ही रखें जिससे प्रमाण पत्र भरे जा सकें। एक ही केन्द्र पर अनेक विद्यालयों द्वारा परीक्षा दिए जाने की स्थिति में प्रत्येक विद्यालय की अंक सूची अलग-अलग बनाई जाए तथा केन्द्राध्यक्ष के हस्ताक्षर एवं मोहर लगाकर परीक्षा कार्यालय को भेजी जाए।

प्रमाण पत्र -

45 प्रतिशत या इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले भैया/बहिनों को उत्तीर्णता का तथा 45 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभागी भैया/बहिनों को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरण -

प्रधनाचार्य द्वारा अपने विद्यालय के छात्रों को प्रमाण पत्र वितरण एवं कक्षानुसार प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले अथवा शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को समारोहपूर्वक पुरस्कृत किया जाना चाहिए। यह पुरस्कार वितरण कार्यक्रम अभिभावकों तथा अन्य सम्पर्कित विद्यालयों के शिक्षक परिवार को आमंत्रित कर समारोह के रूप में हो।

सुझाव -

सभी प्रकार के सुझाव परीक्षा के पश्चात् केन्द्रीय कार्यालय कुरुक्षेत्र को भेजें। परीक्षा सम्पन्न होने के पश्चात परीक्षार्थियों की संख्या, उत्तीर्ण छात्रों की संख्या, अपने विद्यालयों की प्रतिभागी संख्या, अन्य विद्यालयों की प्रतिभागी संख्या की सूचना संलग्न प्रपत्र पर कुरुक्षेत्र एवं प्रान्तीय कार्यालय को अवश्य भेजें।

 

कक्षा 9 से 12 एवं आचार्य श्रेणी प्रवेशिका,मध्यमा,उत्तमा व प्रज्ञा  की -

संस्कृति ज्ञान परीक्षा OMR (Optical Mark Recognition) द्वारा

प्रायोगिक रूप से सत्र 2019-20  में कक्षा 9 से 12 तथा आचार्य श्रेणी की संस्कृति ज्ञान परीक्षा का प्रश्न- पत्र  OMR sheet पर हल किया जाएगा। यह परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार की होगी जिसमें परीक्षार्थी को सही उत्तर काले बॉल प्वाइंट पैन द्वारा उपयुक्त स्थान पर गोले को पूरी तरह काला करके देना होगा। केवल इस OMR Sheet पर भरे गए उत्तर ही मान्य होंगे। अतः इसे सावधानीपूर्वक, बिना पिन या स्टेपल लगाए तथा बिना मोड़े सावधानीपूर्वक कक्षा 4 से 8 की प्राप्तांक सूचियों के साथ कुरुक्षेत्र कार्यालय में भेजना है। पर्यवेक्षक आचार्य परिवार की ओर से अतिरिक्त सावधानी अपेक्षित है I संस्थान के कुरुक्षेत्र कार्यालय में भेजना है। पहला प्रयोग होने के कारण भैया-बहनों तथा पर्यवेक्षक आचार्य परिवार की ओर से अतिरिक्त सावधानी अपेक्षित है।

Sanskriti Jñana Pariksha–English Version

To facilitate participation of English Medium Public Schools in Sanskriti Jñāna Pariksha, English version of these books is also available. Accordingly, examination is also conducted in English. Participation fee per student is Rs. 20/- for English medium books and examination. Please ensure that class-wise number of participating students and the fee @ Rs. 20/- per student is separately sent for getting books & question papers in English language. However, the same proforma may be used for sending your demand. If any Pradesh Samiti decides to get these books at State Office, it can be arranged accordingly. The question papers will also be sent to the same address.

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