हमारा लक्ष्य

इस प्रकार की राष्ट्रीय शिक्षा-प्रणाली का विकास करना है जिसके द्वारा ऐसी युवा-पीढ़ी का निर्माण हो सके जो हिन्दुत्त्वनिष्ठ एवं राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो, शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से पूर्ण विकसित हो तथा जो जीवन की वर्तमान चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक कर सके और उसका जीवन ग्रामों, वनों, गिरिकन्दराओं एवं झुग्गी-झोपडि़यों में निवास करने वाले दीन-दुःखी, अभावग्रस्त अपने बान्धवों को सामाजिक कुरीतियों, शोषण एवं अन्याय से मुक्त कराकर राष्ट्र जीवन को समरस, सुसम्पन्न एवं सुसंस्कृत बनाने के लिए समर्पित हो।

संस्कृति प्रवाह परीक्षा (संस्कार केन्द्रों के लिए)

सेवा क्षेत्रों में चलने वाले संस्कार केन्द्रों के विद्यार्थियों में देशभक्ति, स्वाभिमान, सामाजिक समरसता आदि संस्कार विकसित करने के लिए संस्कृति प्रवाह के नाम से पुस्तिका उपलब्ध है। जिसका शुल्क 5.00 रुपये प्रति छात्र की दर से संख्या-पत्रक के साथ कुरुक्षेत्र भेजना है। संख्या एवं शुल्क प्राप्त होने पर पुस्तिकाएँ केन्द्रीय कार्यालय, कुरुक्षेत्र से उपलब्ध करायी जाएगी।

परीक्षा व प्रमाण पत्र -

प्रश्न पत्र निर्माण, परीक्षा एवं मूल्यांकन की व्यवस्था संस्कार केन्द्र स्वयं अथवा अपनी प्रान्तीय समिति की योजनानुसार करेंगे। परन्तु मूल्यांकन के पश्चात 40 प्रतिशत या इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले परीक्षार्थियों को प्रमाण पत्र देने की व्यवस्था कुरुक्षेत्र कार्यालय द्वारा की जाएगी। इसके लिए समस्त परीक्षार्थियों की अंक सूची कुरुक्षेत्र भेजना आवश्यक होगा।

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